PM बनने का सपना और CM की कुर्सी से हाथ धोना... अब क्या होगा अरविंद केजरीवाल का अगला कदम?
अरविंद केजरीवाल का प्रधानमंत्री बनने का सपना अधूरा रह गया है और उनकी पार्टी ने दिल्ली में सत्ता का वर्चस्व भी खो दिया है। अब सवाल उठता है कि केजरीवाल अपने राजनीतिक भविष्य के लिए कौन सा नया कदम उठाएंगे।

दिल्ली चुनाव में हार के बाद केजरीवाल का प्लान क्या है? दरअसल, इस चुनाव प्रचार में केजरीवाल खुलकर कहते देखे गए कि जीत के बाद वो ही दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री होंगे। अब चुनावी हार के बाद केजरीवाल ने आगे का प्लान बताया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में अब सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाएगी। हालांकि, केजरीवाल ने यह साफ नहीं किया कि वे व्यक्तिगत तौर पर क्या भूमिका निभाएंगे। उनका कहना था कि वे न केवल एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे, बल्कि लोगों के बीच रहकर उनकी सेवा करते रहेंगे।
PM बनने की ललक और CM की कुर्सी का सपना केजरीवाल की राजनीतिक यात्रा में प्रधानमंत्री बनने की ललक हमेशा से रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें करीब 3 लाख 71 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भी केजरीवाल ने कभी अपने राष्ट्रीय राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को छिपाया नहीं। हालांकि, इस बार दिल्ली चुनाव में उनकी हार ने उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर पानी फेर दिया है।
PM पद के सवाल पर केजरीवाल का जवाब PM पद के सवाल पर केजरीवाल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर इंडिया ब्लॉक लोकसभा चुनाव जीतता है और AAP जैसी छोटी पार्टी सिर्फ 22 सीटों पर चुनाव लड़ती है, तो उनका प्रधानमंत्री बनने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, जब राहुल गांधी को संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में पूछा गया, तो केजरीवाल ने कहा कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है और यह एक सैद्धांतिक सवाल है। उनका कहना था कि इंडिया ब्लॉक के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद किया जाएगा।
दिल्ली चुनाव में हार के कारण दिल्ली चुनाव में AAP की करारी हार के पीछे कई कारण हैं। पहला, भाजपा ने शराब घोटाले और 'शीशमहल' जैसे मुद्दों को चुनावी अभियान का केंद्र बनाया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने AAP के खिलाफ जमकर हमले किए। दूसरा, बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार द्वारा इनकम टैक्स में छूट की घोषणा ने भी AAP के वोट बैंक को प्रभावित किया। नई दिल्ली सीट पर करीब 30 से 35 हज़ार सरकारी कर्मचारी वोटर हैं, जिन्होंने भाजपा के पक्ष में वोट डाला।
यमुना की सफाई का वादा और AAP की विफलता अरविंद केजरीवाल ने 2021 में यह वादा किया था कि 2025 तक यमुना नदी को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) अपग्रेडेशन, नालों का ट्रीटमेंट और औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण जैसी योजनाओं पर काम कर रही है। उनका दावा था कि '2025 के बाद आप यमुना में डुबकी लगा सकेंगे'। लेकिन अब तक जमीनी हालात में बहुत अधिक सुधार नहीं दिखा है। यह विफलता भी AAP की हार का एक बड़ा कारण बनी।
भाजपा की जीत क्यों अहम? दिल्ली में भाजपा की जीत कई मायनों में अहम है। पहला, यह 27 साल बाद भाजपा की दिल्ली में वापसी है। दूसरा, भाजपा ने AAP के 'केजरीवाल मॉडल' के विरुद्ध 'मोदी मॉडल' को सफलतापूर्वक पेश किया। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में मुफ्त बिजली, पानी सहित AAP सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने के साथ ही महिलाओं को 2500 रुपये का मासिक भत्ता और 10 लाख रुपये तक का 'मुफ्त' इलाज सहित कई अन्य वादे किए थे।
आगे की राह अब सवाल यह है कि अरविंद केजरीवाल और AAP आगे क्या करेंगे? केजरीवाल ने कहा है कि वे एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे खुद किस भूमिका में रहेंगे। AAP के लिए यह समय पार्टी के अंदरूनी ढांचे और रणनीति पर पुनर्विचार करने का है। केजरीवाल को यह भी साबित करना होगा कि वे सिर्फ एक चुनावी हार से हतोत्साहित नहीं होंगे और लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता बनाए रखेंगे।
दिल्ली चुनाव में हार के बाद केजरीवाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे अपनी पार्टी को फिर से जमीन पर कैसे लाएंगे और आने वाले लोकसभा चुनाव में क्या भूमिका निभाएंगे। क्या वे फिर से प्रधानमंत्री पद की ललक रखेंगे या सिर्फ दिल्ली की राजनीति तक सीमित रहेंगे? यह सवाल अभी अनुत्तरित है।
Related Tags
आज का तापमान

डॉ. राम मनोहर लोहिया: समाजवाद के प्रखर प्रवक्ता और आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा !
March 24, 2025

महाराष्ट्र: मंत्री जयकुमार गोरे पर आरोप लगाने वाली महिला खुद फंसी, पूरा मामला चौंकाने वाला!
March 22, 2025

जज के आवास पर आग लगने के बाद मिला 'खजाना', दिल्ली से इलाहाबाद हाईकोर्ट हुआ ट्रांसफर
March 21, 2025

नागपुर में हिंसा: कैसे भड़का तनाव, क्या था विवाद और कैसे फैली अफवाह?
March 18, 2025

अमेरिका ने यमन पर बड़ा हमला: हूती विद्रोहियों के ठिकाने नष्ट, 19 की मौत, ईरान को दी गई सख्त चेतावनी
March 16, 2025

शादी नहीं तो नौकरी नहीं": चीन की कंपनी ने सिंगल कर्मचारियों को दिया अजीबोगरीब अल्टीमेटम
March 8, 2025

मणिपुर में मैतेई ग्रुप ने 246 हथियार सरेंडर किए, सुरक्षाबलों के जूते-हेलमेट भी लौटाए
February 28, 2025

मेरठ की ऐतिहासिक चुंगी मस्जिद को बुलडोजर से गिराया गया, 150 साल पुरानी धरोहर का अंत
February 22, 2025

Rekha Gupta : रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की नई मुख्यमंत्री: ऐतिहासिक बदलाव, राजनीतिक समीकरण और आने वाली चुनौतियाँ
February 20, 2025

Rahul Gandhi : राहुल गांधी को बड़ी राहत, सावरकर मानहानि मामले में कोर्ट ने पेशी से स्थायी छूट दी
February 19, 2025

जमुई हिंसा: भड़काऊ भाषण देने के आरोप में खुशबू पांडेय गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला ?
February 18, 2025

अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर बनीं तुलसी गबार्ड: पहली भारतीय मूल की हिंदू नेता
February 13, 2025
Trending News

यूपीआई गड़बड़ी: देशभर में डिजिटल भुगतान प्रणाली ठप, लाखों उपयोगकर्ताओं को भुगतान में परेशानी
March 28, 2025

L2 Empuraan Box Office Explosion: मोहनलाल की फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जनता के रिएक्शन जानकर रह जाएंगे दंग!
March 28, 2025

हर्षिता ब्रेला हत्याकांड: 'दहेज के लिए बेटी की जान ली', पिता का आरोप - 'सास-ससुर भी शामिल!'
March 25, 2025

सलमान की 'सिकंदर' को सेंसर बोर्ड की शर्तें, UA सर्टिफिकेट के साथ म्यूट हुए ये डायलॉग
March 25, 2025

डॉ. राम मनोहर लोहिया: समाजवाद के प्रखर प्रवक्ता और आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा !
March 24, 2025
